सावधान : 9 मई के बाद हर रविवार को बंद रहेंगे पूरे देश के पेट्रोल-डीजल पंप तथा 9 से 5 का समय भी तय !

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दिल्ली : देश भर के वाहन चालकों और गाडी मालिकों के लिए बेहद जरूरी और चौकाने वाली खबर क्योंकि 9 मई के बाद के बाद देश के लोगों को हर समय उपलब्ध रहने वाले पेट्रोल और डीजल अब सिर्फ तय समय पर ही मिलेगा और रविवार को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा,तो अगर किसी को कही बहार घूमने जाना है या अर्जेंट कोई काम पड़ जाए उसके लिए उससे अब अपने घर में या गाडी में पेट्रोल और डीजल जैसी ज्वलंत चीज़ का स्टॉक रखना होगा,नहीं तो बीच सड़क पर या सुनसान हाईवे पर गाडी में धक्का भी लगाना पड़ सकता है। वहीँ इस खबर को सुनकर देश की आम जनता में अभी से डर समां गया है कि अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा ?

अब जल्दी ही देश के लोगों को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की वो बात याद आएगी जिसमे वो कहते रहे हैं कि साइकिल चलने से सेहत भी अच्छी रहती है और वातावरण भी प्रदूषित नहीं होता है तथा सभी को रोज साइकिल चलाने की सलाह भी देते रहे हैं,अपने साइकिल प्रेम के कारण ही उन्होंने अपनी सरकार में पूरे उत्तर प्रदेश में जगह-जगह साइकिल ट्रैक और साइकिल हाईवे तक बनवाये थे,जो की स्वयं में देश का पहला साइकिल हाईवे है। हालाँकि योगी सरकार को अखिलेश यादव के अच्छे कार्य बहुत ही खटक रहे हैं और इसी के चलते ही योगी सरकार ने अखिलेश यादव के साइकिल ट्रैक को भी तुड़वाने का फैसला लिया है

दरअसल, 9 मई के बाद पेट्रोल पंप हर रविवार बंद रहा करेंगे। कंसोरटियम ऑफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स (सीआईपीडी) सीधे तौर पर देश की तीनों आयल कंपनियों से टकराव की मुद्रा में आ चुकी है और 9 मई तक अपूर्व चंद्रा कमेटी की सिफारिशें लागू ना करने पर प्रत्येक डीलर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखेगा। पेट्रोल पंपों पर 24 घंटे सर्विस की जगह सिर्फ सुबह 9 से शाम पांच बजे तक ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई मिलेगी।

एसोसिएशन ने भारत, हिंदुस्तान व इंडियन आयल कार्पोरेशन सहित तीनों कंपनियों को मांगें मानने के लिए 9 मई तक का समय दिया है। इसके बाद देश के 55 हजार पेट्रोल-डीजल डीलर हर रविवार को फीलिंग स्टेशनों पर अवकाश रखेंगे और इसके के साथ सरकारी दफ्तरों की तर्ज पर पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की सेवा सुबह 9 से शाम पांच बजे तक ही मिलेगी।

रविवार को सीआईपीडी के पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण ने पत्रकारों को उपरोक्त जानकारी दी। सीआईपीडी अध्यक्ष सत्यनारायण के मुताबिक वर्ष 2011 में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा गठित की गई अपूर्व चंद्रा कमेटी ने कई सिफारिशें की थी।

सत्यनारायण ने बताया कि इन डीलरों के हित में की गई सिफारिशों को आज तक नहीं माना गया। इनमें प्रमुख सिफारिश डीलरों को मार्जन मनी देने की है। उन्होंने बताया कि डीजल पर एक रुपया 40 पैसे और पेट्रोल पर 2 रुपये 20 पैसे मार्जन मनी वर्ष 2011 से बनती है, लेकिन अभी तक यह मार्जन नहीं मिला।

वहीं एसोसिएशन ने कहा कि अब तीनों कंपनियों को 9 मई तक तय करना होगा कि वे डीजल पर 2 रुपये 10 और पेट्रोल पर 3 रुपये 33 पैसे मार्जन मनी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मार्जन मनी के बगैर डीलरों को खर्चा निकलना बेहद मुश्किल हो रहा है और खर्चों को कम करने के लिए उन्हें शाम पांच बजे के बाद पैट्रोल पंप बंद करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

इसके अलावा रविवार को पूरा दिन बंद करने के बाद ही डीलरों के खर्चे में कुछ कमी होगी। एसोसिएशन के मुताबिक यह करना डीलरों की मजबूरी है, क्योंकि बढ़ते खर्चों की वजह से डीलर दिवालिया होने की स्थिति में आ चुके हैं। इस मौके पर स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन रमेश कुंदनमल, राष्ट्रीय महासचिव रवि शिंदे, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण गुप्ता, प्रदेश महासचिव रवि गुप्ता व राजेंद्र कलेर सहित देशभर से आए सैकड़ों पंप संचालक उपस्थित रहे।

तीन आयल कंपनियों के डायरेक्टर (रिटेल) नवंबर 2016 में डीलर एसोसिएशन को आश्वासन दे चुके हैं कि जल्द उनकी मांगें पूरी होंगी, लेकिन इसके बाद तीन बार बार एसोसिएशन को टरकाया जा चुका है और अप्रूव चंद्रा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार आज डीलरों को लाभ नहीं मिला। अब 9 मई के बाद सीधे एसोसिएशन अल्टीमेटम के अनुसार काम करेगी।

एसोसिएशन का कहना है कि प्राइवेट आयल कंपनियों के दबाव में देश के 55 हजार डीलरों को परेशान किया जा रहा है। इसी वजह से आज तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि डीलरों के हित में की गई सिफारिशों को लागू करना तो दूर उल्टा सेल बढ़ाने के नाम पर उन्हें धमकाया जा रहा है। अधिकारी सेल ना बढ़ने पर डीलरशिप को टर्मिनेट करने की भी धमकी देते हैं।

हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष शमशेर गोगी ने बताया कि जनवरी 2011 के बाद से डीलर मार्जन के कारण फंड की कमी के चलते बैंकों के कर्जदार हो गए है तथा दीवालिया होने की स्थिति पैदा हो चुकी है। पूरे डीलर नेटवर्क में 75 प्रतिशत छोटे डीलर है जो फंड की कमी का सामना कर रहे है। उन्होंने बताया कि अपने नुकसान को पूरा करने के लिए सप्ताह में एक दिन अवकाश रहेगा और एक दिन पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।

पेट्रोल पंप कर्मचारी अब शिफ्टों मे काम करेंगे, इससे डीलर अपनी कटौती को पूरा करने के लिए ऐसा करने को विवश हैं। यह नियम 10 मई के बाद लागू होंगे। बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि तेल, पेट्रोल, इंधन का एक संवेदनशील मामला है। तेल के डीलरों को भी मुश्किलें उठानी पड़ती है। इस प्रकार की समस्या बहुत है, इसमें मै भी शामिल हूं क्योंकि मैं भी एक डीलर रहा हूं।

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