3-तलाक और महिला सम्मान की बात करने वाले PM मोदी ने अपनी पत्नी को ही बिना तलाक के क्यों छोड़ा ?

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दिल्ली : देश की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और प्रधानमंत्री मोदी जी ने आज कल देश में बहस के लिए “तीन तलाक” जैसा एक नया और विवादित मुद्दा छेड़ रखा हैं,हालाँकि ये मुद्दा भले ही उन मुस्लिम महिलाओं के लिए लाभकारी हो जिनके शौहरों ने उन्हें जबरन तलाक देकर छोड़ दिया है पर उसी धर्म की बहुसंख्यक 5 करोड़ मुस्लिम महिलाओं ने लिखकर बताया कि 3 तलाक में कुछ बुरा नहीं !

वहीँ देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्य लोगों ने यह आवाज उठाना चालू किया है कि प्रधानमंत्री जी हमारे लिए सोच रहे हैं ये अच्छी बात है, पर जिसने अपनी ही पत्नी को बिना तलाक के छोड़ रखा हो और उसको गुजारा-भत्ता के अलावा पत्नी का दर्जा भी न देता हो,वो हमारे समाज के साथ महिलाओं के उत्थान और सम्मान की बात करे तो यह उनको शोभा नहीं देता है। यहाँ तक की 2014 लोक सभा चुनाव के पहले आपने जसोदाबेन जी को अपनी पत्नी का दर्जा ही नहीं दिया तथा आज तक उनके गुजारे-भत्ते के लिए भी नहीं सोचा कि वो कैसे अपने जीवन- यापन कर रही हैं। आज आप प्रधानमंत्री हैं और पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे पर आप की पत्नी गांव में एक छोटी सी दूकान रखकर बच्चों के लिए टॉफ़ी और चुर्रा बेचकर अपना जीवन-यापन कर रही हैं।

ट्रिपल तलाक पर छिड़ी बहस के बीच मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कहा है कि कि देश भर में पांच करोड़ मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक में बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। बोर्ड का दावा है कि विभिन्न राज्यों में एक सर्वे कराए गए जिसमें कुल चार करोड़ 83 लाख 47 हजार 596 मुस्लिम महिलाओं ने शरीयत के साथ रहने पर अपनी सहमति दी है।

वहीँ तीन तलाक पर अटार्नी जनरल ने कहा, महिलाओं को मिले पुरुषों के बराबर अधिकार,

मेल टूडे ने AIMPLB के महासचिव मौलाना मोहम्मद वाली रहमानी के हवाले से लिखा है कि जिस तरह से तीन तलाक के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, उनके सर्वेक्षण में पता चला कि यह उतना संगीन नहीं है। बोर्ड का कहना है कि दावों से अलग इससे 10 फीसदी भी प्रभावित नहीं हैं।

मुस्लिम बोर्ड का जवाब- तीन तलाक पर योगी का बयान जाहिलाना —-

गौरतलब है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ की दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को हुई थी, जिसमें तीन तलाक के मुद्दे पर कई फैसले लिए गए थे। बोर्ड ने कहा कि गलत ढंग से तलाक लेने वाले का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बोर्ड ने तलाक के लिए कोड ऑफ कंडक्ट भी जारी किया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि शरई मामले में कोई भी बाहरी दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तीन तलाक पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले ने इस विवादित मसले पर फिर एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है, भुवनेश्वर में तीन तलाक पर प्रधानमंत्री के रुख़ के बाद बीजेपी इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाने में जुटी है। इसके पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक को ग़लत मानते हुए शरिया के मुताबिक इसे जारी रखने की बात कही।

तीन तलाक, बाबरी मुद्दे और गोहत्या पर देश में जारी चर्चा के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दो दिन की अहम बैठक लखनऊ के नदवा कॉलेज में चल रही है, बैठक का आज दूसरा दिन है। इस बैठक में तीन तलाक, गोहत्या से लेकर बाबरी मस्जिद मुद्दे को कोर्ट के बाहर सुलझाए जाने वाली सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर भी चर्चा हो रही है

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