फर्जी इनकाउंटर करके निर्दोषों को गोली मारने वाली, योगी की UP पुलिस को जनता ने लाठी-डंडो व जूतों से पीटा !

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                        गांव के युवक की हत्या से गुस्साये ग्रामीणों ने पुलिस को जमकर पीटा !

बलरामपुर : उत्तर प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था और बढ़ते हुए अपराधों पर, अब प्रदेश की जनता का सब्र टूटने लगा है। इसी के चलते बलरामपुर में गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के नौबस्ता गांव में एक स्थानीय युवक की मौत से ग़ुस्साये और आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव करते हुए उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जिसमें एक महिला थानाध्यक्ष समेत चार पुलिस कर्मी घायल हो गये हैं। पुलिस ने इस मामले में दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। ग्रामीणों का आक्रोश तब फूटा जब तीन दिनों से गायब एक युवक धनीराम का शव रजवापुर गांव के पास राप्ती नदी के किनारे पड़ा मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम युवक धनीराम के शव को ठिकाने लगाने की कोशिश में थी।

गौरतलब है कि सूबे में यूपी पुलिस की साख लगातार घटती ही जा रही है, जहाँ एक ओर पुलिस फर्जी इनकाउंटर करके निर्दोषों को मार रही है। वहीँ योगी सरकार की कार्यप्रणाली से प्रदेश में हो रहे अपराधों में कमी आने की जगह भारी बढ़ोतरी हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार यूपी पुलिस ने प्रदेश में अब तक 1 हजार से ऊपर इनकाउंटर किये हैं, जिसमे 37 लोगों की जाने गयीं हैं तथा सुमित गुर्जर, जितेंदर यादव जैसे निर्दोष नौजवानों को इनकाउंटर के नाम पर गोली मार दी गयी। जबकि इन लोगों का आज तक कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। इनकाउंटर मामले में पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि पुलिस सत्ता पक्ष के नेताओं के दबाव में आकर उनके विपक्षियों को फर्जी धाराओं में नाम डालकर अपराधी बना रहे हैं।

गांव के ही युवक की मौत से ग़ुस्साये ग्रामीणों ने किया पुलिस पर हमला !

गौरतलब है कि नौबस्ता गांव का युवक धनीराम 25 फरवरी की शाम अपने ससुराल पांच किलोमीटर दूर भुसैलवा गांव गया हुआ था। दूसरे दिन 26 फरवरी को खून से लथपथ धनीराम की बाइक उसके घर के बाहर खड़ी पाई गयी। गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन ग्रामीणो का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गम्भीरता से नहीं लिया। धनीराम का शव मिलते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने हमला बोल दिया। लाठी डंडो से पुलिस वालो की पिटाई शुरु हो गयी। पुलिस के लोगों ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई।

पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा,वर्दी फाड़ी !

इस दौरान महिला थानाध्यक्ष मीना सिंह समेत चार पुलिस वाले घायल हो गये। कुछ पुलिस वाले जीप में भर कर भाग लिये तो कुछ को ग्रामीण ने घेर कर बुरी तरह मारा-पीटा और वर्दी फाड़ दी। बाद में कई थानों की फोर्स ने पहुंचकर स्थित को नियन्त्रण में किया। ग्रामीणों को खदेडने के लिये आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिले के आलाधिकारी गांव मे कैम्प कर रहे हैं। लेकिन धनीराम की मौत के बाद से ग्रामीणो का क्रोध कम नहीं हो रहा है। पुलिस ने इस घटना के बाद से दो दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है।

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