NDTV न्यूज़ चैनल के बिकने की खबर को मालिक ‘प्रणव रॉय’ ने फर्जी बताया, मगर जाने एक सच ये भी !

0
143

NDTV के मालिक प्रणव राय ने कहा – NDTV ना तो बिका है और ना ही अभी बिकेगा, हमारे बारे में सारी खबरें झूठी और पेड़ हैं ।
दिल्ली : देश में आज हर तरफ मार्केटिंग का दौर है, अब तो यहाँ किसी न्यूज़ चैनल की साख को घटाने के लिए भी एक मार्केटिंग की जा रही है। वैसे तो पिछले कुछ दिनों से दबी हुई खबरें आ ही रही थी पर आज सुबह से हर छोटे-बड़े न्यूज़ पोर्टल पर एक खबर बहुत ज़्यादा ट्रेंड कर रही है। इस खबर ने मोदी सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने वालों के चेहरों पर चिंता ला दी थी क्योंकि आज के समय में गिने-चुने न्यूज़ पेपर और और चैनल वाले ही मोदी सरकार का असली रूप जनता को दिखा रहे हैं। इन्ही में से एक चैनल है NDTV जिसके सम्बन्ध में एक अफवाह का दौर चल रहा है ताकि देश के लोग इस चैनल से दूर हैट जाएँ।

वहीँ जब से NDTV के 600 करोड़ में बिकने की कोरी अफवाह चली तब से मोदी समर्थकों के चेहरे पर एक अलग मुस्कुराहट आ गयी है। बता दें कि वह झूठी खबर यह है कि NDTV के 40 प्रतिशत शेयर अब PM मोदी के चुनाव कंपेनर रहे स्पाइस जेट के मालिक अजय सिंह ने खरीद लिए हैं।

द हिन्दू से बात करते हुए NDTV के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि एक भी शब्द इन रिपोर्ट्स में सही नही है और यह सब सरकार द्वारा हमारी साख को घटाने के लिए पड़ी ख़बरों के माध्यम से किया गया है।

NDTV को प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने 1988 में शुरू किया था और यह देश के सबसे पुराने न्यूज़ चैनलों में से एक है। पिछले कई महीनों से विवादों में घिरे इस चैनल के बारे में बहुत तेज़ी से यह अफवाह फैलाई जा रही थी की यह चैनल अब भाजपा समर्थक द्वारा खरीदा जा चुका है।

गौरतलब है कि NDTV के मालिकों के ऊपर हाल ही में इनकम टैक्स और CBI का छापा पड़ा था क्योंकि एक शो के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा महिला एंकर से बदतमीजी की गयी थी जिसपर एंकर ने संबित पात्रा को अपने शो से भगा दिया था।

NDTV के फर्जी और तथाकथित मालिक अजय सिंह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साल 2014 के चुनाव प्रचार की कोर टीम में शामिल थे। अजय सिंह ने जनवरी 2015 में स्पाइसजेट की कमान संभाली थी और उसे सफल बनाया था। इंडियन एक्सप्रेस के माध्यम से एक झूठी खबर ये भी फैलाई गई कि नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार के दौरान “अबकी बार मोदी सरकार” जुमला अजय सिंह ने दिया था जबकि हकीकत में वो जुमला भी किसी और का दिया हुआ है। वो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान प्रमोद महाजन के ओएसडी रह चुके हैं। उस दौरान उन्होंने डीडी स्पोर्ट्स और डीडी न्यूज को लॉन्च करने में प्रमुख भूमिका निभायी थी।

अजय सिंह साल 1996 में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बोर्ड में रहे थे। उन्होंने डीटीसी के कायाकल्प की योजना बनायी थी। उनके कार्यकाल में डीटीसी बसों की संख्या 300 से 6000 हो गई थी। दिल्ली के सेंट कोलंबा से पढ़े अजय सिंह आईआईटी दिल्ली से बीटेक हैं। उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की भी पढ़ाई की है।

NDTV के बिकने की खबर के सम्बन्ध में एक बेहद चौकाने वाला सच यह भी है,जो यह प्रमाणित करता है कि ये खबर सही भी हो सकती है –

सेबी के क्लॉज़ 30 के अनुसार कोई भी मर्जर इवेंट होने के 24 घंटे के अंदर BSE को सूचित करना पड़ता है, वरना कंपनी कानूनी पचड़े में पड़ जाती है।
हिन्दू,इंडियन एक्सप्रेस और बाकी न्यूज़ पेपर्स भी जिसे डील ब्रेकर मान रहे हैं, वो वही दस्तावेज है जो NDTV ने BSE में दाखिल किया है। वो एक कानूनी दस्तावेज है, जिसमे सिर्फ ये लिखा है की अभी कोई ऑफिसियल हैंडओवर नहीं हुआ है स्टेक्स का। आगे होगा तो वे पहले BSE को बताएँगे।

हमने भी बताया है कि डील पेपरों में नहीं हुई है अभी, बस मीटिंग्स हुई हैं और मीटिंग्स में अनौपचारिक एग्रीमेंट्स हुए हैं तथा ये बिज़नेस सर्कल्स में गुप्त रूप से पिछले 4 दिन से चल रहा है।

कुछ ऐसा ही मामला स्नैपडील और फ्लिपकार्ट के केस का भी था , स्नैपडील ने 22 मार्च को बोला की कोई बात नहीं हो रही है, जबकि 11 मई को बोल दिया की बात हो रही थी । ये सब कानूनी जरूरतें हैं। फिर NDTV को एक नुक्सान ये है की बीजेपी समर्थित आदमी के हाथ में जाने से उसके समर्थक और Viewers कम हो जाएंगे। जिससे उनकी वैल्यूएशन कम हो जायेगी, इसलिए भी वो औपचारिक होने तक हाँ नहीं भरेंगे। वेरिजॉन जब याहू को खरीद रहा था तब भी यही हुआ था, की याहू के अचानक हुयी गलत बातों के कारण उनकी वैल्यूएशन कम हो गयी थी, जिसके कारण बाद में याहू सस्ते में बिकी।

जब तक डील औपचारिक नहीं हो जाती तब तक कोई भी एडमिट नहीं कर सकता।

 

Loading...