इस इंजीनियर को EVM की खामी बताने पर भेजा गया था जेल, मिला था अमेरिका का प्रतिष्ठित पुरस्कार

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नई दिल्ली, अमेरिका का प्रसिद्ध ‘पायनियर अवार्ड’ पाने वाले पहले भारतीय हरि कृष्ण प्रसाद वेमुरु ने भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम पर रिसर्च करके यह सिद्ध किया था कि इन मशीनों में हेराफेरी करके चुनाव परिणामों को किसी एक पक्ष में किया जा सकता है। जिसके चलते हरि कृष्ण प्रसाद को एक महीने जेल की सजा भुगतनी पड़ी थी।

बता दें कि, हरि कृष्ण प्रसाद वेमुरु को उनकी रिसर्च के लिए सैनफ्रांसिस्को की इलेक्ट्रानिक फ्रांटियर फाउंडेशन ने साल 2010 में अमेरिका का प्रतिष्ठित ‘पायनियर अवार्ड’ दिया था।

सैनफ्रांसिस्को इलेक्ट्रानिक फ्रांटियर फाउंडेशन (ईएफएफ) ने अपने बयान में कहा, हरि कृष्ण प्रसाद सिक्योरिटी रिसर्चर थे जिन्होंने भारत में इस्तेमाल होने वाली कागज रहित इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी को उजागर किया था। जिसके चलते उन्हें एक साल की सजा भुगतनी पड़ी।

प्रसाद ने EVM में छेड़छाड़ की समीक्षा करते हुए चुनाव अधिकारियों को समझाया। लेकिन चुनाव अधिकारियों का कहना था कि, सरकार द्वारा बनाई गई EVM मशीने परफेक्ट हैं और इनमें हेराफेरी नही की जा सकती। सरकार के इस आदेश को लोगों ने आंख बंद करके स्वीकार कर लिया। वहीं पसाद ने इन्हें परफेक्ट मानने से इंकार दिया। हरि कृष्ण प्रसाद और उनकी अंतरारष्ट्रीय टीम ने भारत में चुनाव नतीजों के बाद इन मशीनों में बड़े पैमाने पर खामियां ढुंढ़ निकालीं।

वहीं हरि कृष्ण प्रसाद वेमुरु की इस उपलब्धि पर ईएफएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि , प्रसाद अपने देश को एक पारदर्शी और प्रमाणित मतदान प्रणाली बनाने में मदद करें।

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