शक बना प्यार की जान का दुश्मन- इंजी० पति ने शादी के 11 साल बाद प्रेमिका/पत्नी के किये 72 टुकड़े !

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देहरादून : देश के इतिहास में किसी कातिल ने शायद ही इतनी क्रूरता की हो, वह भी अपनी उस जीवन संगिनी के साथ जो पहले सात साल तक उसकी प्रेमिका भी रही थी । बता दें कि इस कातिल इंजीनियर ने अपनी पत्नी के 72 टुकड़े कर फ्रिज में छिपा दिए थे। फिर उन्हें बारी-बारी ठिकाने लगाता रहा।

आपको हैरानी इस बात की होगी कि 1999 से पहले सात साल अफेयर के बाद दोनों ने लव मैरिज की थी। लेकिन, ऐसा क्या हो गया, दोनों के बीच कि अपनी पत्नी को पलकों पर बिछाने वाले इंजीनियर ने नृशंस हत्या कर दी।

शायद राजेश गुलाटी ने अनुपमा से प्यार करते समय सोचा नहीं होगा कि जिंदगी के इस सुहावने सफर का अंजाम यह होगा। दरअसल राजेश और अनुपमा के बीच करीब सात साल तक अफेयर चला। दोनों ने एक दूसरे को अच्छी तरह समझने के बाद 10 फरवरी 1999 को लव मैरिज की थी।

पेशे से साफ्टवेयर इंजीनियर राजेश शादी के बाद 2000 में अनुपमा को लेकर यूएस चला गया था। जून 2006 में उनके जुड़वा बच्चे हुए। 2008 में दोनों वापस दिल्ली आ गए। करीब एक साल बाद उन्होंने देहरादून आकर आशियाना बना लिया। दून आने के बाद दोनों मतभेदों और शक के जाल में ऐसे फंसे कि उनका जीवन नरक बन गया।

17 अक्तूबर की काली रात को राजेश ने अपने हाथों से ही अपनी जीवन साथी की जिंदगी छीन ली। यही नहीं क्रूर तरीके से पत्थर काटने वाले ग्राइंडर और आरी से उसकी लाश के टुकड़े किए और रोजाना एक टुकड़े को ठिकाने भी लगाने लगा । जाहिर है कि हत्या करने के वक़्त राजेश अपनी पत्नी से बेहद नफरत करने लगा था और इसी कारण उसने यह जघन्य अपराध कर डाला । वहीँ सात साल बाद 31 अगस्त 2017 को राजेश को पत्नी अनुपमा का कातिल ठहरा दिया गया। अगले 24 घंटे बाद 01 सितंबर 2017 को राजेश गुलाटी की सजा का फैसला भी सामने आ जाएगा।

एक नजर पूरे घटनाक्रम पर –

17 अक्टूबर 2010 को रहस्मय ढंग से गायब हुई अनुपमा
11 दिसंबर 2011 को अनुपमा का भाई आया तो खुला कत्ल का राज
12 दिसंबर 2011 को आरोपी राजेश गुलाटी की हुई गिरफ्तारी
10 मार्च 2012 को कैंट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दिया आरोप पत्र
18 अगस्त 2017 को अदालत ने फैसले की तारीख की मुकर्रर
31 अगस्त 2017 को कोर्ट ने राजेश गुलाटी को माना हत्या का दोषी
01 सितंबर 2017 को सुनाई जाएगी दोषी राजेश को सजा।

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