RBI का सर्वे – मोदी सरकार की नीतियों से नौकरियों में आई भारी गिरावट, लोग सरकार से नाखुश !

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नई दिल्ली, 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी द्वारा प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया गया था। पिछले 3 साल के मोदी सरकार के कार्यकाल में वादे के हिसाब से 6 करोड़ नौकरी सरकार द्वारा युवाओं को दी जानी थी मगर मोदी सरकार के 3 साल में बेरोजगारी बेहिसाब बढ़ी है। जनवरी 2017 से जुलाई 2017 तक 1 करोड़ 37 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी है यानि कि इतने लोग सिर्फ 7 महीनें में ही बेरोजगार हो गए हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी द्वारा किए गए अलग-अलग सर्वे में ये दावा किया गया है कि मोदी सरकार के राज में नौकरियों में भारी कमी आई है, जिसके चलते बेरोजगार युवक-युवतियों को जॉब नहीं मिल रही हैं।

नौकरी की कमी के चलते लोगों के मन में मोदी सरकार के प्रति नाखुशी है। सर्वे में कहा गया है कि इन तीन सालों में सरकार के दावे के बावजूद इनकम में किसी प्रकार की कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

आरबीआई के सर्वे में जून 2012 से 2017 तक का डाटा लिया गया है, जिसके अनुसार लोगों की सैलरी जितनी 2013 में थी, उसमें ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। आरबीआई ने बंगलूरू, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली में किया था।

सीएमआईई द्वारा किए गए एक अन्य सर्वे के अनुसार जनवरी 2017 में देश के 408.4 मिलियन लोगों के पास जॉब थी। वहीं बेरोजगार लोगों की संख्या 25.9 मिलियन थी। वहीं जुलाई 2017 में नौकरी पाए लोगों की संख्या घटकर के 405.4 मिलियन रह गई। इसके चलते बेरोजगारों की संख्या भी 13.7 मिलियन बढ़ गई। ये संख्या यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा राज्यों में सबसे ज्यादा है।

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