35 फीट ऊँचे हनुमान जी के बाद, अब “सैफई” में लगेगी भगवान कृष्ण की 50 फीट की विशाल मूर्ती !

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सैफई में स्थापित 35 फीट ऊँची हनुमान जी की विशाल मूर्ती को भूल, अब BJP और मीडिया लगे भगवान् “राम और कृष्ण” को आपस में ही लड़ाने में !

सैफई : समाजवादी पार्टी का नाम जब भी मीडिया या देश की जनता की जुबान पर आता है तो लोगों के दिमाग में उत्तर प्रदेश का वो संम्पन्न गांव जरूर आता है जिसका नाम सैफई है,बता दें कि ये गांव सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव जी का गांव है। आज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी मुलायम सिंह यादव जी के एकलौते पुत्र वा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही हैं।

सैफई एक ऐसा गांव है जहाँ सुख सुविधाओं की हर अत्याधुनिक व्यवस्था है। अखिलेश यादव ने एक लाइव डिबेट में बोलते हुए कहा कि जो लोग सैफई के बारे में अर्नगल बातें करते हैं वो सैफई जैसे विकसित गांव के विकास के पीछे की मंशा या तो समझ नहीं सकते या जानबूझकर समझना नहीं चाहते क्योंकि समझने पर इनके लिए ऐसे गांव विकसित करने की नयी चुनौती सामने आ जायेगी जो ‘ये कर भी नहीं सकते और करना भी नहीं चाहते’। अखिलेश बोले मैं तो चाहता हूँ कि देश का हर गांव सैफई जितना ही विकसित हो,वैसे हमने तो देश के सामने एक ऐसा “मॉडल गांव” बनाया है जिसका अनुसरण हमारे देश की सरकारें कर सकती हैं।

अखिलेश बोले मूर्ती की राजनीति तो भाजपा करती है वैसे मैं सिर्फ इतना कहूँगा कि चाहे भगवान् राम हो या भगवान् कृष्ण, हैं तो दोनों ही भगवान् विष्णु के अवतार। वैसे आप(मीडिया) लोगों को आज हमारे गांव में लगने वाली श्री कृष्ण की मूर्ती दिख रही है पर इससे पहले सैफई में स्थापित की गयी भगवन हनुमान जी की 35 फीट ऊँची विशाल मूर्ती नहीं दिखी, ये कैसा रूप है आप लोगों का ?

बता दें कि सैफई में हर वर्ष आयोजित होने वाले “सैफई महोत्सव” की कमेटी ने महोत्सव स्थल पर पहले से विराजमान 35 फ़ीट ऊँचे भगवान् हनुमान जी की विशाल मूर्ती के बगल में भगवान श्री कृष्‍ण की 50 टन की मूर्ति स्‍थापित करने का निर्णय लिया है। सैफई महोत्सव कमिटी ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कमिटी ने इसके लिए फंड भी एकत्रित कर लिया है तथा इसे 2 साल के अंदर तैयार करने का लक्ष्य रखा है।

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हालाँकि भाजपा नेताओं ने और उनके सहयोगी मीडिया ने इस विषय पर अपनी अलग ही थ्योरी बनाते हुए कहने लगे हैं कि यह मूर्ती स्थापना की पहल योगी सरकार द्वारा आयोध्या में भगवान राम की मूर्ति स्‍थापित करने की योजना पर सपा का मास्टर स्ट्रोक साबित होगी।
गौरतलब है कि योगी सरकार ने अयोध्या में सरयू नदी के पास भगवान राम की मूर्ति स्‍थापित करने की योजना बनाई थी। इसकी प्रजेंटेशन भी गवर्नर राम नाईक को दिखाई गई थी।

राज्य के पर्यटन विभाग का कहना था कि इससे अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट को एनजीटी की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसपर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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