अखिलेश के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने बनाये 1 करोड़ से ज्यादा सदस्य, देखें कैसे बन सकते है सदस्य !

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लखनऊ, समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि समाजवादी पार्टी का सदस्यता अभियान, जिसकी शुरूआत 15 अप्रैल 2017 को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वयं सदस्यता ग्रहण कर की थी, पूरे प्रदेश में ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी जोरशोर से चल रहा है। अब तक करीब 01 करोड़ लोग पार्टी के सदस्य बन चुके हैं। आॅनलाइन और मिस्ड काॅल से भी सदस्यता भर्ती का क्रम चल रहा है। इस अभियान को और गति देने के लिए 15 जून 2017 को प्रदेश के सभी जनपदों के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक बूथ पर प्रारम्भिक सदस्य बनाने का विशेष अभियान दिवस मनाया जाएगा।

15 जून 2017 को जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी एक-एक विकासखंड में पहुचंकर अधिक से अधिक बूथों पर सदस्य बनाने के कार्य की समीक्षा करेंगे। सदस्यता अभियान हेतु जनपदों के लिए जो पर्यवेक्षक नामित किए गए हैं वह 13 जून से 15 जून 2017 तक आवंटित जनपद में रहकर इस विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। विभिन्न प्रदेशों में सदस्यता अभियान को गति देने के लिए प्रभारी भी सक्रिय हैं।

समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान के अंतर्गत ग्रामसभा, न्यायपंचायत, विकासखंड, एवं वार्ड स्तर पर सदस्यता शिविरों का आयोजन होगा। पार्टी का सदस्यता शुल्क मात्र 20 रूपये है जबकि सक्रिय सदस्य होने के लिए 25 अन्य सदस्यों को भी जोड़ना होगा। पार्टी के सक्रिय सदस्य ही संगठन में पदाधिकारी बन सकेंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सदस्यता भर्ती अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी का सदस्य बनने हेतु आॅनलाइन www.samajwadiparty.in/join पर या 78599-99999 नम्बर डायल कर मिस्ड काॅल दी जा सकती है। समाजवादी पार्टी का सदस्यता अभियान उत्तराखण्ड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, दिल्ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में चलाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रभारी नियुक्त कर दिए है।

अखिलेश यादव का कहना है कि समाजवादी पार्टी भारत के संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा रखती है और गांधी तथा डाॅ0 लोहिया के आदर्शो से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता एवं समाजवाद में आस्था रखती है। समाजवादी पार्टी का विश्वास आर्थिक एवं राजनैतिक सत्ता के विकेंद्रीकरण में है।

समाजवादी पार्टी शांतिमय तथा लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध प्रकट करने के अधिकार को मान्यता देती है। इसमें सत्याग्रह तथा शांतिपूर्ण विरोध शामिल है। धर्म पर आधारित राज्य में आस्था रखने वाले किसी भी संगठन का कोई भी सदस्य समाजवादी पार्टी का सदस्य नहीं हो सकेगा।

समाजवादी पार्टी का महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों एवं पिछड़ों के लिए विशेष अवसर के सिद्धांत में विश्वास है। समतापूर्ण समाज की स्थापना के लिए समाजवादी पार्टी इसे जरूरी समझती है।