यूपी का जंगलराज अपनी आँखों से देखिये – BJP नेता ने पुलिस वाले को दी जान से मारने की धमकी

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लखनऊ, जंगलराज किसे कहते हैं देखना है तो यूपी आइये!! जी हाँ आपने एक शब्द सुना होगा जंगलराज जिसे मीडिया और बीजेपी ने खूब प्रचारित किया। जिस राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं होती है वहां पर चुनाव से पहले ऐसी खबरे मीडिया में खूब चलाई जाती हैं कि इस राज्य में जंगलराज चल रहा है उस राज्य में गुंडाराज चल रहा है। चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद से मीडिया से ये शब्द उस राज्य के लिए बंद हो जाते है और उस राज्य में बीजेपी के रामराज की ख़बरें चलाई जाती है। ऐसा ही आजकल यूपी में देखने को मिल रहा है। जहाँ चुनाव से पहले यूपी में जंगलराज और गुंडाराज खूब प्रचारित किया गया मगर बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ये शब्द मीडिया से गायब हो गए।

जंगलराज या गुंडाराज का नजारा देखना है तो यूपी में देखिये जहाँ आगरा से लेकर सहारनपुर, लखीमपुर से लेकर गोरखपुर, फतेहपुर से लेकर मेरठ चारों तरफ बीजेपी नेताओं की गुंडई की ख़बरें आ रही है। पुलिस वालों को ठाणे के भीतर घुसकर मारा जा रहा है। एसएसपी आवास पर बीजेपी सांसद द्वारा पथराव करवाया जाता है। कुछ ऐसा ही मामला बाराबंकी जिले से सामने आया है जहां टैंकर और कार की टक्कर में कार के क्षतिग्रस्त होने को लेकर बीजेपी नेता और जिला कोआपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष अरविंद मौर्या नगर कोतवाली में दरोगा से भिड़ गए। नगर कोतवाली में दरोगा और अरविंद मोर्या के बीच जमकर बहस हुई। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दरअसल कोतवाली नगर अंतर्गत रामनगर तिराहे पर एक ट्रक और कार की जोरदार टक्कर हो गई थी। जिसकी जानकारी मिलने पर पहुंचे मंडी पुलिस चौकी इंचार्ज सुनील कुमार ने देखा कि ट्रक और कार सड़क पर खड़े होने की वजह से पूरा ट्रैफिक जाम हो गया है। कार में कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष अरविंद मौर्या और उनका भतीजा उत्कर्ष मौर्या सवार थे। जो ट्रक ड्राइवर से मरम्मत के नाम पर डेढ़ लाख रुपये मांग रहे थे। जिसके बाद दोनों पक्षों को कोतवाली लाया गया। एसआई सुनील कुमार ने बताया कि अरविंद मौर्या उनसे भिड़ गए और अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। जिसके बाद एसआई ने अरविंद मौर्या और उत्कर्ष मौर्या पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और हत्या की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है।

वहीं शहर कोतवाल एसपी सिंह ने बताया कि अरविंद मौर्या और उत्कर्ष मौर्या के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल ने बताया कि दोनों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, धमकी देने आदि धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि टैंकर चालक के मालिक को भी बुलाया गया है जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। आपको बता दें कि कोआपरेटिव बैंक का पूर्व अध्यक्ष अरविंद मौर्या एनडीपीएस में पहले भी जेल जा चुका है और जानकारी के मुताबिक ये यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या का करीबी भी है।

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