करणी सेना का स्कूल बस पर हमला, गुरमेहर को देशभक्ति सिखाने वाले, सेहवाग, फोगाट बहनें कहा हैं ?

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नई दिल्ली, शायद आपको गुरमेहर कौर के बारे में याद होगा एक 19 साल की लड़की जिसने ABVP के गुंडों के खिलाफ आवाज उठाई जिसके पिता कप्तान मनदीप सिंह देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। उनकी बेटी गुरमेहर कौर ने कहा था कि पाकिस्तान ने उनके पिता को नहीं मारा लेकिन युद्ध ने उनके पिता की जान ले ली। इस बात को लेकर देश भर के मीडिया में घंटों डिबेट हुआ। कुछ सेलेब्रिटी गुरमेहर कौर के खिलाफ खड़े हुए और गुरमेहर कौर को राष्ट्रभक्ति सिखाने लगे इनमें से देश के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सेहवाग, पहलवान योगेश्वर दत्त, गीता फोगाट, बबिता फोगाट आदि ने बयान दिए। आज उस बात को करीब 1 साल हो गए हैं।

आज से दो दिन पहले गुरुग्राम में एक स्कूल बस पर करणी सेना के गंडों ने पत्थरबाजी की उस बस में मासूम बच्चे भी थे जो 4 साल से 17 साल तक की उम्र के थे बस में सवार थे। करणी सेना के गुंडों ने पद्मावत फिल्म के विरोध में उस बस पर किसी आतंकवादियों की तरह पत्थरबाजी की। इस पत्थरबाजी में किसी बच्चे को चोट भी आ सकती थी। इस घटना ने जो असल में देशभक्त हैं या राष्ट्रवादी हैं उनको झकझोर कर रख दिया। लेकिन फर्जी राष्ट्रवादियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी है।

क्या ये करणी सेना वाले पाकिस्तान में हुए स्कूल पर आतंकवादी हमला करने वाले आतंकवादियों से कम हैं। क्या ये करणी सेना वाले कश्मीर में पत्थरबाजी करने वालों से किसी मामले में पीछे हैं।

क्या हमारे सेलेब्रिटीज को आज सांप सूंघ गया है जो करणी सेना के इस आतंकी हमले को देखकर भी अपना मुंह नहीं खोल रहे हैं क्योंकि ये एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा मामला है। जो पीछे के रास्ते से इन गुंडों का समर्थन कर रही है। राज्य में मुख्यमंत्री है क्या वो सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं। क्या हिंसा फैलने से पहले इन आतंकियों को रोका नहीं जा सकता। क्या गुरमीत राम रहीम के मामले की तरह ही भाजपा शाषित राज्यों की सरकारें इस मामले में भी ढिलाई बरत रहीं हैं कहीं वोट बैंक न खिसक जाए क्योंकि 1 साल के अंदर राजस्थान और मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है।

स्कूल बस पर पत्थरबाजी करने वाले करणी सेना के गुंडों को भी कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलनी चाहिए ताकि देश के संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवेहलना करने वालों को सबक याद रहे की संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फसलों की अवेहलना करना कितना भारी पड़ सकता है।

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