गोरखपुर – 30 से ज्यादा बच्चों की मौत पर यूपी के स्वास्थ्य मंत्री का शर्मनाक बयान, सुनकर शर्म आ जाए !

0
89
Loading...

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 25 साल तक संसदीय क्षेत्र रहे गोरखपुर में पिछले 5 दिनों में 60 से ज्यादा बच्चों की जान चली गई इनमें से 30 से ज्यादा बच्चों की जान ऑक्सीजन की कमी के चलते गई। सरकार को ऑक्सीजन की कमी और भुगतान न होने की जानकारी देने के बावजूद सरकार की तरफ से भुगतान न किए जाने से ऑक्सीजन सप्लाई कम्पनी ने सप्लाई बंद कर दी जिसके चलते मासूम बच्चों की जान चली गई।

सरकार की इस घोर लापरवाही पर साकार की तरफ से कोई जिम्मेदारी नहीं ली गई बल्कि लीपापोती की जा रही है। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह खुद को और सरकार को बचाते हुए नजर आ रहे हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जिम्मेदारी से भागने वाला बयान दिया है।

गोयखपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल बा राघव दास में ऑक्सिजन की कमी से हुई बच्चों की मौत पर शनिवार को सफाई पेश करते हुए उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने शर्मनाक बयान दिया। उन्होंने कहा कि हर साल अगस्त में बच्चों की मौत होती है। बच्चों की मौत के लिए ऑक्सिजन की कमी को उनहोंने सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत का कारण सिर्फ ऑक्सीजन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस वक्त ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी, उस वक्त ये मौतें नहीं हुईं। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक के लिए बीआरडी कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है।

उन्होंने सरकार की तरफ से सफाई पेश करते हुए कहा कि 9 जुलाई और 9 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हॉस्पिटल आए थे लेकिन उस वक्त ऑक्सीजन का मुद्दा किसी ने नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों की मौत को कम नहीं आंक रही है। अस्पताल में अब ऑक्सीजन की कमी नहीं है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार इस पर संवेदनशील है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुझे गोरखपुर जाने का निर्देश दिया।

Loading...