समायोजन रद्द होने से भड़के सहायक शिक्षक (शिक्षा मित्र), देखें क्या कहा !

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लखनऊ, मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट ने 1.78 लाख शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक बने लोगों पर वक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इस फैसले से शिक्षामित्रों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। सुप्रीमकोर्ट से समायोजन रद्द होने से नाराज यूपी के शिक्षामित्र बुधवार को सड़कों पर उतर आए।

नाराज शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि समायोजन रद्द होने पर सूबे के एक लाख 70 हजार शिक्षामित्रों का परिवार भूखमरी से जूझेगा।

भदोही जिले में शिक्षामित्रों ने समान कार्य, समान वेतन देने संग सीएम को संबोधित तीन सूत्री मांगो का ज्ञापन डीएम को दिया। समायोजित शिक्षक क्रांतिमान शुक्ल के नेतृत्व में बुधवार को 100 से अधिक की संख्या में शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पर पहुंचे।

कोर्ट के निर्णय पर नाराजगी जताते हुए इस पर पुनर्विचार करने की मांग की। क्रांतिमान शुक्ल ने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय से शिक्षामित्रों के सामने भूखमरी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। कोर्ट के फैसले से प्राथमिक शिक्षा पर गहरा संकट उत्पन्न हो गया है।

कोर्ट ने सरकार को शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित रखने का मौका दिया है। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से मांग किया कि सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करे। शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए शीघ्र निर्णय ले।

समायोजित शिक्षकों के लिए विभागीय टेट की व्यवस्था की जाए। सरकार की ओर से जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर के शिक्षामित्र सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

सोनभद्र जिले में दो दर्जन प्राइमरी स्कूलों में बुधवार को सहायक शिक्षक के रूप में समायोजित किए गए शिक्षामित्रों के नहीं पहुंचने से शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह लडख़ड़ा गई।

शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने व सहायक अध्यापक से पुन: शिक्षामित्र बने लोग अब किस तरह सेवा देंगे या नहीं देंगे, इस संबंध में सरकार ने भी कोई दिशा- निर्देश जारी नहीं किया है। इसी पशोपेश के चलते शिक्षामित्रों ने अपने स्कूलों का रूख नहीं किया। वहीं पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी यही स्थिति रही।

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