सोनिया के लंच पर जुटे 17 बड़ी पार्टियों के नेता, लालू ने अखिलेश को दी ऐसी सलाह कि वो मुस्कराने लगे !

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देश की राजनीति में विपक्ष ने दिये बड़े बदलाव के संकेत, सबकी निगाहें मायावती-अखिलेश पर !

नई दिल्ली : केन्द्र में काबिज मोदी सरकार की खराब नीतियों,बढ़ती बेरोजगारी,सीमा पर शहीद होते जवानों,देश में फैलती असहिषुणता और बदहाल अर्थव्यवस्था के चलते देश के साथ यूपी की राजनीति में भी बड़े बदलाव की आहट शुक्रवार को देखने को मिली जब सोनिया गांधी के बुलावे पर मायावती और अखिलेश एक साथ विपक्षी दलों की मीटिंग में एकजुट हुए, मीटिंग में लालू प्रसाद यादव की पहल के बाद ऐसे संकेत मिले की उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश जल्द ही एक संयुक्त रैली करेंगे । हालाँकि इस विषय पर अभी तक किसी का कोई भी औपचारिक बयान नहीं आया है ।कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को लंच का आयोजन किया था, जिसमें 17 बड़ी पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सलाह दी कि सभी विपक्षी पार्टियों को विभिन्न राज्यों में संयुक्त रैली निकालनी चाहिए।

 

बीजेपी की खराब नीतियों के चलते एकजुट हुए 17 विपक्षी दल-

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को सामुहिक भोज का आयोजन किया था, जिसमें 17 विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया, बैठक के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने सलाह थी कि सभी विपक्षी पार्टियों को विभिन्न राज्यों में संयुक्त रैली निकालनी चाहिए । उन्होंने कहा कि लेफ्ट को केरल और शरद पवार को मुंबई में इसका आयोजन कराना चाहिए, उन्होंने कहा कि वह खुद अगले महीने बिहार में एक रैली का आयोजन करेंगे ।

अखिलेश-मायावती को एक मंच पर आने की सलाह-

लालू प्रसाद यादव ने इस बात पर भी जोर दिया कि विपक्ष की एकता के लिए एक रैली लखनऊ में भी होनी चाहिए, जिसमें सपा और बसपा दोंनों हिस्सा लें । लालू यादव ने बसपा प्रमुख मायावती से कहा कि वह तभी इस रैली में हिस्सा लेंगे अगर मायावती इसका आयोजन कराएंगी, इसके बाद वह अखिलेश यादव की ओर घूमे और कहा, “अखिलेश बाबू, आपको भी आना होगा।” यह सुन यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश भी मुस्कुरा पड़े

कौन-कौन हुआ शामिल-

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल पर 17 राजनीतिक दलों के 31 नेता दावत का हिस्सा बने, इन नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, अहमद पटेल, ए.के.एंटनी, गुलाम नवी आजाद के अलाबा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ,जदयू नेता शरद यादव, डीएमके से कनिमोरी, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, झारखंड मुक्ति मोर्चा से सीबू सोरेन, सीपीआई से डी राजा, सीपीएम से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से ममता वनर्जी, नेशनल कांफ्रेंस से उमर अबदुल्ला समेत कई अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए ।

इस दोपहर भोज में राजद अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। बैठक में मौजूद रहे लालू ने कहा, ‘‘इसकी (मोदी सरकार की) एकमात्र उपलब्धि यही है कि आजादी के बाद पहली बार इसने कश्मीर में पाकिस्तान का झंडा फहराने दिया है।’’

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