सिकंदरा का सिकंदर बनने की जंग में, सपा प्रत्याशी ने साइकिल की रफ्तार से बढ़ाई भाजपा में बेचैनी !

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कानपुर देहात : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सिकंदरा विधानसभा का उप चुनाव भाजपा और सपा दोनों के लिए ही प्रतिष्ठा की सीट बन गयी है । इस सीट के चुनाव को लेकर मुलायम के गढ़़ इटावा में भी हलचल तेज हो गई है क्योंकि सिकंदरा विधानसभा भी इटावा लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है ।

नगर निकाय के बाद सिकंदरा में जीत को दोहराना चाहती है सपा, फिर से लगाया अपने पुराने प्रत्याशी पर दाव !

सिकंदरा को मिलाकर इटावा लोकसभा क्षेत्र में कुल चार विधानसभाएं हैं, जबकि छह नगर निकाय हैं। जिसमें तीन नगर पालिकाएं और तीन नगर पंचायतें हैँ। इसमें तीन नगर निकाय में सपा को तो तीन में निर्दलियों को जीत मिली है। भाजपा ने इटावा क्षेत्र में इस बार पूरी तैयारी की थी, इसके बावजूद वह एक भी सीट नहीं जिता पाई। ऐसे में भाजपा सिकंदरा सीट को किसी भी सूरत में जीतना चाहती है। इसी तरह समाजवादी पार्टी भी नगर निकाय की जीत के बाद, सिकंदरा में जीत को दोहराना चाहती है। ऐसे में दोनों पार्टियों के लिए सिकंदरा की सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी है।

सीमा सचान के दोबारा मैदान में आने से समीकरणों में सपा हुई आगे, भाजपा के लिए बड़ी चुनौती !

सिकंदरा बनी प्रतिष्ठा की सीट, यही वजह है कि सपा ने ऐन वक्त पर अपना प्रत्याशी बदल दिया और पहले चुनाव लड़ चूँकि सीमा सचान को फिर से मैदान में उतार दिया । सिकंदरा में नगर पंचायत सीट सपा के खाते में गई है। यहां मुस्लिम बिरादरी के मुन्ना कुरैशी की पत्नी को जीत मिली है। इसी लिहाज से सोमवार को पार्टी ने सीमा सचान का नामांकन करा दिया। सीमा के दोबारा नामांकन करने पर भाजपा ने भी जोर पकड़ लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय भी अपनी पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन कराने पहुंचे। उन्होंने भी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से इस सीट को दोबारा जीतने के लिए दिन रात एक करने को कहा है। यादव,कुर्मी,मुस्लिम और अन्य पिछड़ी जातियों के साथ बसपा के दलित वोट बैंक के दम पर सपा की सीमा सचान सिकंदरा का सिकंदर बन सकती हैं। बसपा के प्रत्याशी ना उतारने से सपा को इसका लाभ मिलेगा।

कौन बनेगा सिकंदरा का सिकंदर !

सिकंदरा विधानसभा के उप चुनाव में प्रत्याशियों को लेकर सपा फिर उलझ गई है। पार्टी हाईकमान ने सोमवार को सीमा सचान को दोबारा प्रत्याशी बना दिया है। उन्हें पार्टी का सिंबल भी दिया है। इसके बाद सीमा सचान ने नामांकन भी करा दिया। इसके बावजूद पूर्व घोषित प्रत्याशी पवन कटियार ने अपने नामांकन का दूसरा सेट भी सोमवार को दाखिल कर दिया। क्षेत्र में जनसभा कर लोगों से अपने लिए वोट भी मांगे। हालाँकि पवन कटियार के विश्वस्त सूत्रों से पता चला कि उन्होंने अपना पर्चा वापस लेने का मन बना लिया है,जबकि वहीँ कल प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने सीमा सचान के नाम पर मुहर लगा दी थी और बताया कि प्रत्याशी बदल दिया गया है।

फतेहपुर से पूर्व सांसद राकेश सचान की पत्नी सीमा सचान 2017 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से प्रत्याशी थीं। अब यह सीट भाजपा से विधायक मथुरा पाल के निधन से खाली हुई है। जब उप चुनाव की घोषणा हुई तो पवन कटियार को प्रत्याशी बना दिया गया। पवन मुलायम सिंह के करीबी बताए गए थे। बताया गया था कि मुलायम सिंह के खास औरैया के कमलेश पाठक उनको टिकट दिला कर लाए हैं।

सिंकदरा विधानसभा उप चुनाव को लेकर मुलायम सिंह के गढ़ इटावा में भी हलचल है। 2014 के लोकसभा और 2017 के शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सपा को पटकनी दी थी। सभी सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए थे।

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