अखिलेश यादव के बंगले को लेकर झूठी खबर फैलाने वाली मीडिया पर, सपा के मीडिया कंसलटेंट करेंगे मुकदमा !

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तय समय के अंदर ही अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था, जो कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर सरकारी प्रक्रिया के अनुरूप मिला हुआ था। गौरतलब है, एक याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास को 15 दिन के अंदर खाली करने का आदेश दिया था।

समाजवादी पार्टी के मीडिया कंसलटेंट आशीष यादव ने, अखिलेश यादव के बंगले को लेकर झूठी खबर दिखाने वाले “दैनिक जागरण” सरीखे अख़बारों और कई न्यूज़ चैनल्स पर करोड़ों की मानहानि का मुकदमा करने का कदम उठाया है !

Image may contain: 1 person, sitting and shoesयूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एन.डी तिवारी के बंगले, को छोड़कर कोर्ट का निर्णय मानते हुए राजनाथ सिंह,अखिलेश यादव सहित सभी पूर्व मूर्खमंत्रियों ने बंगले खाली करके चाभी सरकार के राज्य संपत्ति विभाग को सौंप दी थी। वहीँ अखिलेश यादव को बदनाम करने के लिए योगी सरकार ने अपने ख़ास अधिकारियों और OISD के माध्यम से, एक सुनियोजित तरीके से अखिलेश यादव के 4 विक्रमादित्य स्थित खाली पड़े बंगले में सरकार के इशारे पर बंगले के अंदर तोड़-फोड़ की गयी। अगले दिन सुबह सीएम के OISD ने बंगले का दरवाजा मीडिया के लिए खोल दिया, जहाँ मीडिया ने सब कुछ सही पड़ी हुई चीजों को ना दिखाकर, बल्कि घर के पीछे पड़े कूड़े की फोटो दिखाते हुए बताया कि अखिलेश यादव ने कुछ इस तरह से बंगले को तहस-नहस किया है।

अखिलेश यादव के बंगले में स्विमिंग पूल कभी था ही नहीं जबकि कई मीडिया और अख़बारों ने सफ़ेद झूठ दिखाते हुए बताया कि मेरे बंगले में स्विमिंग पूल था और मैंने उसे तोड़कर मलबे से दबा दिया है ।

जिस-जिस ने भी ये झूठी खबर फैलाई है कि श्री अखिलेश यादव जी के घर में स्विमिंग पूल था, वो इस बात को साबित करें, अन्यथा मेरा समाजवादी पार्टी और श्री अखिलेश यादव जी से निवेदन है कि उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएं।

 

अखिलेश यादव के बंगले में कभी नहीं था कोई स्विमिंग पूल, योगी के इशारे पर मीडिया ने फैलाया झूठ !

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