साइकिल ट्रैक तोड़ने के तुगलकी फरमान के विरोध में सपा ने निकाला “SAVE CYCLE TRACK” मार्च, पुलिस ने रोका !

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इंसानियत के प्रति अपने प्यार और लगाव का परिचय देते हुए तथा प्रदेश के उन करोड़ों लोगों के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क किनारे साइकिल ट्रैक बनवाने का काम किया, जो कि प्रदेश की जनता के पैसे से ही पूरा हुआ । गौरतलब है कि योगी सरकार जनता के पैसे पर हतोड़ा चलाने पर आमादा है क्योंकि उसे अपने विपक्षियों का यह जनकल्याणकारी प्रोजेक्ट रास नहीं आ रहा है। क्या इस साइकिल ट्रैक को तुड़वा कर उत्तर प्रदेश का विकास हो जाएगा ?

आज प्रदेश में करोड़ों लोग साइकिल पर अपना दैनिक सफर करते हैं तथा रोजाना सड़क हादसों में सबसे ज्यादा साइकिल सवार लोग ही घायल होते हैं,इसी के चलते प्रदेश की आम जनता के हितों तथा सड़क पर चलते वक़्त उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विकास करने के उद्देश्य के चलते करोड़ों रूपए की लागत लगा कर अपने ड्रीम प्रोजेक्ट साइकिल ट्रैक को तैयार कराया था। लेकिन प्रदेश की योगी सरकार ने इस साइकिल पथ को समाप्त करने का फैसला लिया है, जिसके तहत जल्दी ही इसे समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से नाराज़ सपा ने प्रदेश भर में विरोध करना शुरू कर दिया है, इस क्रम में सपा के छात्र सभा फ्रंटल ने अपने अध्यक्ष दिग्विजय सिंह “देव” के नेतृत्व में आज लखनऊ शहर के साइकिल ट्रैक पर अपने सैकड़ों साथियों के साथ साइकिल चलते हुए “SAVE CYCLE TRACK” मुहीम का अभियान चलाया तथा साइकिल पथ हटाए जाने के फैसले का जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हालाँकि इस दौरान भारी पुलिस बल ने सभी साइकिल सवार कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोक दिया तथा साइकिल चलाने को मना किया,इस दौरान पुलिस से कार्यकर्ताओं और अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की हलकी झड़प भी हुई।

लखनऊ में साइकिल ट्रैक तोड़े जाने के विरोध में समाजवादी छात्र सभा के सदस्यों ने साइकिल ट्रैक पर मार्च निकाला। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं का कहना था कि साइकिल ट्रैक आम जनता के लिए लेकिन योगी सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। पुलिस ने गोमती नगर लोहिया पार्क में मार्च को रोक दिया। यूपी में ‌पिछली सपा सरकार में साइकिल ट्रैक का निर्माण किया गया था।

हाल ही में बीजेपी मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने बयान में कहा कि साइकिल ट्रैक की न तो उपयोगिता है और ना ही कोई आवश्यकता है, इसलिए सरकार ने इसे समाप्त करने का फैसला लिया है। जिसके तहत जल्दी ही इसे समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि सरकार के इस फैसले पर सपा ने पूरे प्रदेश में विरोध करना शुरू कर दिया है।

अखिलेश यादव को साइकिल ट्रैक का आइडिया यूरोपीय देश नीदरलैंड्स के साइकिल ट्रैक देखकर आया था –

अखिलेश यादव 2014 में नीदरलैंड गए थे,वहां पर उन्होंने साइकिल ट्रैक बनाने वाली कंपनी को यूपी में भी साइकिल ट्रैक बनाने का न्योता दिया था। इस तरह यूपी में साइकिल ट्रैक बनाने की शुरुआत हुई थी।

जाने उत्तर प्रदेश में कहाँ और कितने किलोमीटर बना हैं साइकिल ट्रैक –

आगरा से इटावा के बीच साइकिल हाईवे के रूप में 207 किमी. में बने साइकिल ट्रैक के लिए 1000 करोड़ रुपये की योजना पास की गयी, यह एशिया का पहला साइकिल हाइवे है।

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