सिकंदरा सीट पर BJP को जिताए जाने के बाद सपा ने उठाया बड़ा कदम, अखिलेश ने दी हरी झंडी, BJP में हड़कंप !

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कानपुर, सिकंदरा विधानसभा के उपचुनाव में स्थानीय प्रशासन द्वारा सत्ता के दबाव में भाजपा प्रत्याशी को जिताने का आरोप लग रहा है। समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रशासन पर EVM के साथ धांधली कर के बीजेपी को चुनाव जिताने का आरोप लगया गया है। पूर्व सांसद राकेश सचान ने कोर्ट में जाने की बात कही है उन्होंने बताया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सहमति भी मिल गयी है।

दरअसल 24 दिसंबर को हुई मतगणना के दौरान 11वें राउंड की गिनती में भाजपा प्रत्याशी के 2000 वोटों से पिछड़ने के बाद सपा प्रत्याशी सीएम सचान और कांग्रेस प्रत्याशी प्रभाकर पांडेय को उनके समर्थकों समेत मतगणना कक्ष से निकाल दिया गया यही नहीं मीडिया कर्मियों को भी मतगणना कक्ष से बहार कर दिया गया। जिसके बाद भाजपा के इशारे पर सील टूटी EVM से काउंटिंग होती रही और भाजपा प्रत्याशी जो पिछड़ रहे थे उन्हें आगे कर दिया गया और अंतिम निर्णय में बीजेपी प्रत्याशी को जीत दे दी गयी।

सपा प्रत्याशी सीमा सचान ने EVM की सील टूटी होने का आरोप लगाते हुए मतगणना के दौरान इस्तेमाल हो रहे सील टूटी हुई EVM का मिलान VVPAT से करने की मांग की गयी तो डीएम ने उन्हें वहां से भागा दिया और अपने हिसाब से काउंटिंग कराने की बात कही जिसके बाद सपा प्र्तयशी और कांग्रेस प्रत्याशी ने प्रदर्शन किया और काउंटिंग रोकने की मांग की।

तो वहीं उनके पति राकेश सचान ने ईवीएम की गडबड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध किया और भाजपाईयो एवं सपाईयो में नोकझोंक होने लगी। जिस पर मुस्तैद पुलिस बल व पैरामिलिट्री अलर्ट कर दी गयी लेकिन कुछ समय बाद सपा व कांग्रेस के एजेंट वापस मतगणना कक्ष पहुंचे। 28 राउंड की गणना के बाद अजीत पाल ने 11861 वोटों से जीत दे दी गई। मतगणना के दौरान हुई धांधली को लेकर सपा के पूर्व सांसद एवं सीमा सचान के पति राकेश सचान ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रेक्षक की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गाडी के सामने ही धरने पर बैठ गए और तानाशाही नहीं चलेगी नारेबाजी करते हुए बैलेट पेपर से पुनर्मतदान कराने की मांग करने लगे और कहा कि दोबारा मतदान की मांग की जाएगी।

राकेश सचान ने कहा कि 17 राउंड तक सपा करीब 4000 वोट से आगे चल रही थी। फिर गणना बंद कर दी गयी। बेईमानी तरीके से सपा को हराया गया और बीजेपी को जिताया गया। मैने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात कर उन्हें अवगत कराया। मेरी मांग है कि पुनर्मतगणना कराई जाए और वीवीपैट चेक कराया जाए और माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जांच कराई जाए। उन्होंने कहा मांगे पूरी नहीं होंगी तो हम लोग यहीं धरने पर बैठेंगे। पुलिस प्रशासन को जो करना है करे। वहीं उपजिलाधिकारी ने पहुंचकर उन्हें समझाया। इसके बाद सपाई उन्हें ज्ञापन देकर वापस चले गए।

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