योगी सरकार में छात्रों पर खूब चली लाठियां, इलाहाबाद सेंट्रल जेल में आमरण अनशन पर बैठे छात्र !

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इलाहाबाद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुक्रवार से चल रहे बवाल के और बढ़ने के आसार हैं। गिरफ्तार कर जेल भेजे गये यूनिवर्सिटी के 22 छात्रों ने जेल में ही आमरण अनशन शुरू कर दिया है। छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव में 90 वोटों से हारने वाले समाजवादी छात्र सभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत विधायक और एबीवीपी के इलाहाबाद छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र के साथ-साथ 22 छात्रों ने शनिवार की रात से कुछ नहीं खाया और अनशन शुरू कर दिया है।

छात्रों ने अपनी मांग सामने रख दी है और उनका कहना है कि जब तक मांग नहीं पूरी होगी वह आमरण अनशन पर रहेंगे। गौरतलब है की छात्रों के इस मुद्दे पर सभी दलों के छात्र संगठन एकजुट हो गए हैं, जिसमे समाजवादी छात्र सभा, एबीवीपी, NSUI और वामपंथी के लोगों एकजुटता दिखते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और अनशन कर रहे हैं।

गिरफ्तारी देने वालों में NSUI के राष्ट्रीय प्रवक्ता विवेकानंद पाठक, ABVP से इलाहाबाद छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, समाजवादी छात्र सभा से पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी अजीत विधायक, समाजवादी छात्र सभा से इलाहाबाद छात्रसंघ उपाध्यक्ष आदिल हमजा, समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष अखिलेश गुप्ता आदि छात्र हैं।

जाने क्या मांग है इलाहबाद के छात्रों की !

छात्रों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) अपने स्तर से जांच कराये। जांच के दौरान कुलपति को लंबी छुट्टी पर भेज दिया जाए और छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए प्रशासन एवं पुलिस के जिम्मेदार अफसरों को निलंबित किया जाय। हिंसक तत्वों की पहचान कार्रवाई किए जाने की मांग भी की जा रही है।

छात्रों ने कई आरोप लगाये – आमरण अनशन पर बैठे छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र और पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी अजीत विधायक ने कहा कि शुक्रवार को विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और कुलपति के रवैये से कार्यपरिषद के सदस्यों को अवगत कराने के लिए विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। वहां शांतिपूर्वक धरना चल रहा था, लेकिन इविवि प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

छात्रों का आरोप है कि जिन छात्रों को पकड़कर पुलिस लाइन ले जाया गया, वहां उनसे मिलने पहुंचे साथी छात्रों पर भी पुलिस ने लाठियां बरसाई। छात्रों का कहना है कि जिन्होंने बवाल किया उनपर करें कार्रवाई, उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाये। इस बवाल के पीछे शिक्षकों के दो गुटों से जुड़े अराजक तत्वों का हाथ है। शांतिपूर्ण ढंग से अनशन कर रहे छात्रों का इसमे कोई रोल नहीं है। गौरतलब है कि इस समय जेल में 22 छात्र बंद किये गये हैं।

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