देवरिया: दिवाली से पहले भाजपा नेता के नरसंघार से बुझे दीप -2 का उजड़ा सुहाग,3 माँ की गोद हुई सूनी !

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देवरिया : भाजपा नेता के अंधाधुंध फायरिंग के बीच एक गोली बगल में खेत की सिंचाई कर रहे शुकुल चौहान के पुत्र रामप्रवेश उर्फ कोहली (25 वर्ष) के सीने में जा धंसी। रामप्रवेश राजभर की मौके पर ही मौत हो गई। इससे उग्र हुए ग्रामीणों ने हमलावरों को घेरने की कोशिश में पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में हमलावरों ने और गोलियां दागीं, जिनकी चपेट में आकर इंद्रजीत कुशवाहा (22 वर्ष), सत्यप्रकाश (20 वर्ष), विजय राजभर (50 वर्ष) और मुखलाल के बेटे रामप्रवेश (40 वर्ष) बुरी तरह घायल हो गए। इलाज की कोशिशों के बीच इंद्रजीत को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सत्यप्रकाश ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। रामप्रवेश और नरेंद्र प्रताप सिंह का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। विजय राजभर, संजय चौहान, रमेश यादव, संदीप, चुन्नीलाल और अमरावती देवरिया जिला अस्पताल में भर्ती हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि अस्पताल में 2 और लोगों की मौत हो गयी है जिसके कारण इस दर्दनाक नरसंघार में मरने वालों की संख्या 5 तक पहुँच गई है।

मृतकों का पूरा परिवार बिना किसी गलती के ही बिखर गया –

रामप्रवेश उर्फ कोहली की हत्या से दिव्यांग पत्नी सदमे में है। भाभी ऊषा देवी की चित्कार से लोगों की आंखें नम हो जा रही थी। ट्रिपल मर्डर के बाद गम और गुस्से के बीच सड़क पर मौजूद सरौरा गांव की महिलाएं प्रशासन को कोस रही थीं। सदर कोतवाली के सरौरा गांव के हनुमान मंदिर के पास पेट्रोल पंप निर्माण को लेकर चल रहे विवाद का मामला डेढ़ माह पुराना है।

प्रशासन का दावा है कि पेट्रोल पंप मालिक को निर्माण कराने के लिए उसके पक्ष में आदेश दिया गया था। उसी आधार पर वह शनिवार को निर्माण कार्य कराने के लिए आए थे। गांववाले पहले की तरह इस बार भी काम रोकने की कोशिश की, लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं था कि तीन की हत्या हो जाएगी। रामप्रवेश तीन भाइयों में तीसरे नंबर का था। दस साल पहले दिव्यांग पम्मी से कोर्ट मैरिज की थी। एक बेटा शिवम, बेटी अंजली, रिंकी और पिंकी है।

रामप्रवेश के दोनों भाई बाहर नौकरी करते हैं। रामप्रवेश घर पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। हमलावरों की गोलियों का शिकार हुआ इंद्रजीत कुशवाहा तीन भाइयों में छोटा था। अहमदाबाद में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। कुछ दिन पहले घर आया था और दीवाली बाद अहमदाबाद जाना था, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। इंद्रजीत की मौत से मां सुभावती देवी का रोते-रोते बुरा हाल हो गया था।

एसपी राकेश शंकर ने बताया कि हमले के आरोपी हरिशंकर पांडेय, छोटे लाल पांडेय, शमशेर अली को मौके से भागते समय रुद्रपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। इन समेत नौ के खिलाफ हत्या व अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इनके कब्जे से लाइसेंसी पिस्टल समेत चार असलहे बरामद किए हैं। एक स्कॉर्पियो व एक अन्य गाड़ी भी कब्जे में ली है। सरौरा में हालात काबू करते हुए सुरक्षा के लिहाज से पीएसी तैनात की है।

गोलियों की आवाज सुनकर चौराहे से भाग खड़े हुए सिपाही –

सरौरा में जिस वक्त मंदिर के करीब पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर गोलियों की बौछार शुरू हुई, उस वक्त नजदीकी चौराहे पर रोज की तरह सिपाही ड्यूटी कर रहे थे। ताबड़तोड़ फायरिंग से खूनखराबे के हालात देख सिपाही भाग खड़े हुए। बाद में अफसरों के साथ ज्यादा फोर्स पहुंची और गुस्साई भीड़ के विरोध के बीच मौके पर दम तोड़ने वाले रामप्रवेश का शव लाठियां फटकार कर कब्जे में ले सकी।

 

 

 

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