मोदी ने योगी के कट्टर विरोधी सांसद ‘शिव प्रताप शुक्ला’ को क्यों बनाया मंत्री, देखें ये है बड़ी वजह !

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लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आज के भारत में मंझे हुए राजनेताओं की सूची में शुमार है तो जाहिर है इसकी कई वजह भी हैं। राजनीति में कैसे अपनों का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें रास्ते से हटाया जाता है ये मोदी जी बखूबी जानते हैं और अपने इस अस्त्र का मोदी ने राजनीति में कई बार सफल प्रयोग किया है। अगर गुजरात की राजनीति से शुरू करें तो केसु भाई पटेल,शंकर सिंह वाघेला,संजय जोशी और लाल कृष्णा आडवाणी वो बड़े उदहारण है जिन्हे मोदी ने आगे बढ़ने के लिए बखूबी इस्तेमाल किया और किनारे लगा दिया।

यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए योगी जी PM मोदी की पहली पसंद कभी नहीं थे, योगी के मामले में संघ की पसंद चली थी !

शिव प्रताप शुक्ला और योगी आदित्यनाथ की शुरू से ही नहीं बनी और इसी कारण आज भी दोनों के बीच मनमुटाव रहता है,इसका कारण भी जातिवाद का वर्चस्व ही बताया जाता है। बता दें कि पूर्वांचल में क्षत्रिय और ब्राह्मणों के बीच बाहुबल के वर्चस्व को लेकर कई बार बड़ी लड़ाईयाँ भी हो चुकी,जिसमे वीरेंद्र शाही और हरी शंकर शुक्ल के बीच की लड़ाई भी शामिल है।

अपने पक्ष और विपक्ष और कैसे अपनी पार्टी और सरकार के बीच बैलेंस बनाकर रखना है ये मोदी बखूवी जानते हैं, तभी तो वो समय समय पर अपने मंत्रियों को अपना फरमान सुनाते रहते हैं। यही वजह है कि कैबिनेट विस्तार में योगी के धुर विरोधी शिव प्रताप शुक्ला को शामिल करके मोदी ने कहीं न कहीं योगी को एक बड़ा झटका दिया है और यह बता दिया है कि आने वाले समय में उनके खिलाफ भी कोई चौकाने वाला फैसला आ सकता है। गौरतलब है कि यूपी की लचर कानून व्यवस्था और गोरखपुर ऑक्सीजन काण्ड ने योगी सरकार की खूब फजीहत पहले ही करा रखी है, ऊपर से उनका अपने मंत्रियों से भी ठीक तरह से समन्वय नहीं बन पा रहा है।

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