पीएम मोदी के “न्यू इंडिया” वाले गुजरात में दलितों को कुएं से पानी लेने की इजाजत नहीं, देखें रिपोर्ट !

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मेहसाणा (गुजरात) : देश की आजादी के साल बाद भी हमारा देश जातिवादी कुरीतियों और धर्मों की आपसी लड़ाई के झगड़े में ही फंसा हुआ है और यह हालत किसी पिछड़े प्रदेश के नहीं उसी गुजरात मॉडल वाले प्रदेश के हैं,जिसके विकास का खोखला आईना दिखाकर मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बन गए थे।

बता दें कि गुजरात के गांवों में आज भी पीने के पानी की भारी कमी के साथ,दलितों के लिए बने हुए जातिवाद के नियमों के कारण भी न्यू इंडिया में हमारा हिन्दुस्तान प्यासा है। एक रिपोर्ट के अनुसार मेहसाणा के बेचर गांव में आज भी दलितों को कुएँ से स्वयं पानी निकालने का अधिकार नहीं है और अगर किसी दलित को पानी चाहिए होता है तो उसको किसी स्वर्ण या अन्य ऊँची जाती के व्यक्ति से पानी माँगना पड़ता है। वहीँ उस गांव के दलितों का कहना है कि सरकार के माध्यम से जो पानी वहां की वाटर लाइन्स में आता है वह इतना गंधा होता है कि उसे पीने के इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता।

इसी गांव के रहने वाले 25 वर्षीय रणजीत बताते हैं कि हमे तो कुएँ के सीढ़ी चढ़ने तक जाने की इजाजत नहीं है कुएँ से पानी निकालना तो दूर की बात है और इसका सिर्फ एक ही कारण है कि हम दलित समुदाय से आते हैं।

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