अमित शाह के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट छपी 8 अक्टूबर को केस लड़ने की इजाजत ले ली 6 अक्टूबर को कैसे ?

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अहमदाबाद, गुजरात चुनाव से पहले गुजरात में धमाका इतना जोरदार हुआ है कि इसकी गूंज गुजरात से लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत तमाम प्रदेशों में पहुंची। भाजपा में भूचाल आ गया है गोदी मीडिया पूरी तरह से खामोश हो चुका है। कल रविवार को द वायर की एक रिपोर्ट से भाजपा तिलमिला गयी और द वायर के खिलाफ 100 करोड़ की मानहानि का मुकदमा कर दिया।

सबसे बड़ी बात यह है कि वायर ने खबर पब्लिश की 8 अक्टूबर को मगर अमित शाह के बेटे जय शाह की तरफ से केस लड़ने के लिए अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुसार मेहता ने दो दिन पहले यानि 6 अक्टूबर को ही इजाजत ले ली। अब प्रश्न उठता है कि अगर खबर झूठी थी तो बीजेपी की तरफ से दो पहले ही कैसे तैयारी कर ली गयी। बड़ा झोल झाल है भाई ऐसा कैसे हो सकता है कि खबर में कोई सच्चाई ही नहीं है जैसा कि भाजपा वाले कह रहे हैं तो फिर पहले से ही केस लड़ने की इजाजत लेने की क्या जरूरत पड़ गयी।

उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हां वही मंत्री जी जो कहते हैं कि अगस्त के महीने में बच्चों की मौते तो होती रहती हैं। अपने आका अमित शाह के शहजादे जय शाह का बचाव करते हुए कहा कि गुजरात चुनावों से पहले कांग्रेस जानबूझ कर इस मामले को तूल दे रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल पूछा कि क्यों नेशनल हेराल्ड मामले में उन्होंने डिफेमेशन केस दायर किया था।

उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक बयानबाज़ी से साफ है कि गुजरात चुनावों से पहले ये विवाद जल्दी खत्म होगा इसके आसार फिलहाल दिखाई नहीं देते। मामला अदालत में है, लेकिन इसकी असली लड़ाई सियासत के मैदान में लड़ी जानी है, ये एहसास अब सबको है।

तो वहीं रविवार को आनन फानन में केंद्रीय रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और जय शाह का बचाव करते नजर आए। उन्होंने कहा कि, झूठे समाचार के प्रकाशन के लिए जय शाह जल्द ही संबंधित वेबसाइट, वेबसाइट के संपादक और रिपोर्टर के खिलाफ 100 करोड़ के आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।

इस संबंध में कांग्रेस के आरोप और जांच की मांग के बाद गोयल ने कहा कि दी गई जानकारियां आधारहीन और अपमानजनक हैं। जय शाह कानून का पालन करने वाले जिम्मेदार उद्योगपति हैं। उन्हें बैंक से ऋण नहीं मिला, इसलिए उन्होंने अनसिक्योर्ड ऋण लिया। इसे ब्याज सहित टीडीएस काट कर चुकाया। कंपनी ने सारे कर चुकाए हैं। इसके बाजवूद जानबूझ कर गलत आंकड़े दे कर झूठ फैलाने की कोशिश हो रही है।

जब ये मामला बेबुनियाद और झूंठा है तो गोदी मीडिया ने पियूष गोयल की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लाइव क्यों चलाया जबकि इसी मामले पर कांग्रेस की तरफ से कपिल सिब्बल की प्रेस कॉन्फ्रेंस को गोदी मीडिया ने ब्लैकआउट कर दिया। जब सारे आरोप गलत हैं तो अमित शाह को खुद सामने आकर बोलना चाहिए और सारे आरोपण को सिरे से खारिज करना चाहिए।

गुजरात चुनाव से पहले आयी इस खबर से BJP में आया भूचाल, हड़बड़ाहट में नहीं सूझ रहा कोई रास्ता !

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