30 दिन के अंदर पार्टी बनाकर चुनाव में जाने वाले पहले नेता बनेंगे अखिलेश, बनाएंगे जीत का बड़ा रिकॉर्ड

30 दिन के अंदर पार्टी बनाकर चुनाव में जाने वाले पहले नेता बनेंगे अखिलेश, बनाएंगे जीत का बड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ, समाजवादी पार्टी की आतंरिक कलह अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुकी है। इस अंतिम पड़ाव पर सबकी निगाहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर टिकी हुयी है, जहाँ उत्तर प्रदेश के करोड़ों युवा अखिलेश यादव में अपना भविष्य संजोय बैठे है, वही प्रदेश के लोग जाति और धर्म के बंधन से ऊपर उठकर अखिलेश यादव को अपना नेता और प्रदेश का पुनः मुख्यमंत्री बनाना चाहते है, तथा यही अखिलेश यादव के किये हुए विकास कार्यों की जीत है।

महिलाओं और किसानों का अखिलेश यादव के प्रति विश्वास ही मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी ताक़त है। सूत्रों के अनुसार अखिलेश यादव की नयी पार्टी का गठन हो गया है जिसका नाम अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी है जिसका आज समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह ने खुलासा किया हालाँकि सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार अक्टूबर में ही दैनिक आज ने इस बारे में जानकारी दी थी।

जिसकी औपचारिक घोषणा दिवाली से पहले होनी थी मगर सुलह के आसार के चलते ये घोषणा टाल दी गयी थी। अब जब सुलह के आसार ख़त्म से हो चुके है तो 13 जनवरी को चुनाव आयोग में समाजवादी पार्टी और साइकिल चुनाव चिन्ह के भविष्य का फैसला होना है। अगर अखिलेश खेमे को साइकिल और समाजवादी पार्टी का अधिकार नहीं मिलता है तो अखिलेश खेमे का प्लान बी तैयार है।

इस प्लान के तहत अखिलेश खेमा नयी पार्टी और नए चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव में जा सकता है। नयी पार्टी का नाम अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी होगा और चुनाव चिन्ह मोटर साइकिल होगा। पार्टी के सिंबल को लेकर अखीलेश खेमे की तरफ से कहा जा रहा है कि विकास से विजय की ओर साइकिल अब मोटर साइकिल हो गयी है।

ताजा राजनितिक घटनाक्रम के अनुसार राजीनीतिक विशेषगयों का मानना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पिता के रिकॉर्ड को ही तोड़ेंगे,जिसमे 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के 11 माह बाद ही मुलायम स‌िंह ने नयी पार्टी बनाकर सूबे में अपनी सरकार बनाई। उसी तरह अखिलेश यादव 2017 में अपनी नयी पार्टी का गठन करने के 3 माह के अंदर 2017 में फिर से अपनी सरकार बनाएंगे और अखिलेश का यह निर्णय देश की राजनीति में ऐतिहासिक होगा।