शराबबंदी की मांग कर रही महिलाओं को योगी की पुलिस के सामने दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया

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लखनऊ, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से यूपी में शराबबंदी को लेकर आवाज उठने लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्टेट और नेशनल हाइवे के किनारे की शराब की दुकानें बंद होंगी। यही नहीं हाइवे किनारे के होटलों में भी शराब नहीं बिकेगी।

प्रदेश के कई इलाकों से खबरें आ रही हैं कि महिलाएं शराबबंदी को लेकर धरना दे रही हैं। शराबबंदी को लेकर आगरा से भी खबर आ रही है जहां शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक शराब के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा फूटा। यमुना पार में महिला और युवक हाथों में डंडे लेकर सड़क पर उतरे। करीब दो घंटे तक रामबाद मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया गया।

शराबबंदी की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर ठेकेदार के कर्मचारियों ने ही हमला बोल दिया। उन पर डंडे बरसाए गए। विरोध में शामिल एक महिला को तो पुलिसकर्मियों के सामने ही बाल पकड़कर पीटा गया। इस पर गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।

दो घंटे तक हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया। शराब की दो दुकानें बंद करा दीं। इसके अलावा राजपुर चुंगी और तोता का ताल स्थित शराब की दुकानें भी क्षेत्रीय लोगों ने बंद करा दीं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे कटरा वजीर खां के लोग यहां स्थित देशी शराब के ठेके को बंद कराने पहुंचे थे मगर, यहां पहले से मौजूद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने उन्हें लौटा दिया। इसके बाद अपराह्न साढ़े तीन बजे क्षेत्रीय लोग फिर से शराब की दुकान पर पहुंचे।

इसमें पुरुष और किशोरों के अलावा काफी संख्या में महिलाएं भी थीं। प्रदर्शनकारी ठेके के सामने विरोध कर ही रहे थे कि ठेके से कई कर्मचारी हाथ में डंडा लेकर निकल आए और प्रदर्शनकारियों पर हमला बोल दिया। डंडों से प्रहार कर उन्हें खदेड़ दिया।

इस बीच एक कर्मचारी ने जमुना नाम की महिला के बाल पकड़कर उसे जमकर पीटा। महिला बेहोश होकर वहीं गिर पड़ी। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। इससे गुस्साए लोग थोड़ी दूर पर स्थित दूसरे निर्माणाधीन ठेके पर पहुंच गए।

यहां उन्होंने ईंट-पत्थर डालकर सड़क जाम कर दी। दो घंटे जमकर हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। लोगों की शिकायत के बाद भी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।