योगी- हम वैसे हिंदू नहीं जो घर में जनेऊ धारण करें और बाहर निकलकर टोपी पहन लें,बाबा जी तो ये कौन हैं !

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लखनऊ : देश की राजनीति में प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री,राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे हुए लोगों का भी, अब हिन्दू-मुस्लिम और जाती आधारित बात करने का नया फैशन बन गया है। गौरतलब है कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पद की गरिमा को तार-तार करते हुए कहा कि हिन्दू होने पर गर्व की अनुभूति होना कोई बुरी बात नहीं है। उन्‍होंने कहा कि हमें हिंदू होने पर गर्व है, लेकिन हम वैसे हिंदू नहीं हैं जो घर में जनेऊ धारण करें और बाहर निकलकर टोपी पहन लें। ऐसा वो लोग करते हैं, जिनके मन में पाप होता है। मैंने तब भी कहा था और आज भी गर्व के साथ कहता हूं कि मैं हिंदू हूं और मैं ईद नहीं मनाता। लेकिन, यदि कोई अपना त्योहार मनाएगा तो सरकार उसमें सहयोग करेगी और साथ ही सुरक्षा भी देगी।

योगी ने कहा कि भाजपा जो अंदर है, वहीं बाहर है और वह ‘पाखंड’ नहीं कर सकती। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के जवाब में योगी ने कहा, ‘मुझसे एक पत्रकार ने पूछा था कि आपने दीपोत्सव अयोध्या में मनाया, होली मथुरा में मनायी … ईद कहां मनाएंगे। मैंने कहा कि मैं ईद नहीं मना पाऊंगा, मैं अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप ईद नहीं मनाता। लेकिन शांतिपूर्वक कोई ईद मनाएगा तो सरकार सहयोग करेगी और सुरक्षा देगी।’’ योगी ने कहा, ‘‘हिन्दू होने पर गर्व की अनुभूति होना कोई बुरी बात नहीं है, हमें भारत की परंपरा और विरासत पर गौरव की अनुभूति है। तीर्थाटन के साथ-साथ पर्यटन को बढावा देने के लिए भी हमने इसका उपयोग किया है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ हमारे पास धार्मिक पर्यटन की प्रचुर संभावनाएं हैं, काशी हमारे पास है। अयोध्या पर कौन गौरव की अनुभूति नहीं कर सकता, सपा-बसपा की सरकारें अयोध्या को बिजली नहीं देते थे। काशी में काम नहीं करने देते थे, मथुरा में विकास योजनाओं को अवरूद्ध कर दिया था। अयोध्या में रामलला की परंपरा, चित्रकूट में कीर्तन की परंपरा बंद करा दी थी।

क्या टोपी पहनने वाले गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल कल्याण सिंह, राज्यपाल राम नाइक और प्रधानमंत्री मोदी हिन्दू नहीं हैं !

यूँ तो योगी एक मठ के महंत भी हैं और अध्यात्म से लगातार जुड़े रहे हैं, तो क्या अध्यात्म में झूठ बोलना पुण्य का काम है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी के मुख से लगातार झूठ ही निकल रहा है, फिर चाहे बात यूपी में लाखों आवास देने की हो,रोजगार देने की हो,गड्ढा मुक्त सड़क की हो,अपराधियों के प्रदेश छोड़ कर जाने की हो, गोरखपुर अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले बच्चों की जांच के विषय की हो। योगी के हालिया बयान के अनुसार क्या योगी ये मानेंगे कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल कल्याण सिंह, राज्यपाल राम नाइक और प्रधानमंत्री मोदी हिन्दू नहीं हैं क्योंकि इन सभी लोगों ने कभी न कभी टोपी पहन कर मस्जिद भी गए हैं और ईद भी मनाई है।

वहीँ अगर बात करें अखिलेश यादव की सरकार में मथुरा,काशी और अयोध्या में किये गए विकास कार्य की, तो आंकड़े ये कहते हैं कि इन जिलों में देश की आज़ादी के बाद अखिलेश सरकार में रिकॉर्ड काम हुआ था, तथा काशी में भाजपा विधायक की मांग पर 24 घंटे की निर्बाद बिजली सप्लाई दी गयी थी। काशी की जनता ने बताया कि जिलाधिकारी प्रांजल यादव के कार्यकाल में काशी में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए थे, तथा गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट से अच्छा वरुणा कॉरिडोर बनवाया था।

अयोध्या में अखिलेश यादव ने करोड़ों रूपये की सरकारी योजनाएं दी थी, तथा मथुरा में विश्व के सबसे बड़े मंदिर के रूप में बनने वाले भगवान् श्री कृष्ण के चंद्रोदय मंदिर का शिलान्यास करने वाले वा उसके लिए ज़मीन देने के काम के साथ कई हजार करोड़ रूपये की सरकारी योजनाओं का काम अखिलेश सरकार में ही हुआ था।

 

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