यूपी के युवाओं को योगी ने दिया बड़ा धोखा, टीचर बनना हुआ मुश्किल, देश भर के युवा करेंगे आवेदन !

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Photo Patrika

 

लखनऊ, क्या आपको याद है कि 2017 के विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा – मोदी – अमित शाह – योगी आदित्यनाथ – केशव मौर्या समेत पूरी भाजपा का यह नारा था कि बहुत हुआ युवाओं का पलायन अब भाजपा सरकार, बहुत हुई बेरोजगारी की मार अबकी बार भाजपा सरकार। भाजपा और उसके नेताओं द्वारा फेंके गए जुमलों का जादू चल गया। भाजपा सत्ता में आ गई योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन गए केशव प्रसाद मौर्या उपमुख्यमंत्री बन गए। सत्ता में आने के 10 महीने बाद भी भाजपा सरकार द्वारा एक नई भर्ती नहीं निकाली गई।

रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों की ओर रुख करने वाले उत्तर प्रदेश के युवाओं का पलायन रोकने का नारा देने वाली भाजपा के सत्ता में आते ही अलग ही तेवर देखने को मिल रहे हैं। पहले तो कहा कि हम युवाओं का पलायन रोकेंगे और अब प्रदेश के युवाओं के हक को मारकर दूसरे प्रदेश के युवाओं को देने की तैयारी चल रही है जिस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी मुहर भी लगा दी है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा नियमावली 1981 में संशोधन के बाद अब यूपी में होने वाली शिक्षकों की भर्ती के लिए कंपटीशन और तगड़ा हो जाएगा। क्योंकि अब देश भर के युवा यूपी की शिक्षक भर्ती में शामिल होंगे। किसी भी राज्य का कोई भी युवा जिसके पास एनसीटीई की डिग्री है, वह यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में होने वाली भर्ती में आवेदन कर सकेगा। इसके अलावा अभी जो जिस जिले से बीटीसी करता है, उसे उस जिले में चयन में वरीयता मिलती है। अब यह व्यवस्था भी खत्म हो गई।

आपको बता दें कि अभी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए सिर्फ यूपी के ही डिग्रीधारक अप्लाई कर सकते थे। दूसरे राज्यों से बीटीसी, बीएलएड डिग्री लेने वाले इसमें शामिल नहीं हो सकते थे। योगी सरकार के फैसले के बाद से अब देश भर के युवा यूपी की शिक्षक भर्ती में अप्लाई कर सकेंगे। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जीएसटी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब एक देश एक कर हो सकता है तो देश के किसी भी युवा के पास अगर पात्रता है तो वह कही भी आवेदन क्यों नहीं कर सकता है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा नियमावली 1981 में 1वें संशोधन और प्राइमरी टीचर्स के गैर जिलों में ट्रांसफर के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी गई। इन सब संसोधनों के बाद अब यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नौकरी पाना काफी मुश्किल हो जाएगा।

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