गायत्री प्रजापति को जमानत देने वाले जज ओ.पी मिश्रा ससपेंड, सरकार के विपरीत एक्शन का रिएक्शन !

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लखनऊ, अखिलेश सरकार के सबसे चर्चित मंत्री रहे गायत्री प्रजापति की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं,जहाँ एक ओर जज ने उन्हें रेप केस में जमानत दी तो वहीँ दूसरी बेंच के जज ने एक पुराने मामले पर तत्काल कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल में रहने का आदेश देकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीँ इस मामले में योगी सरकार ने भी विशेष रूचि दिखाते हुए गायत्री प्रजापति को रेप केस में जमानत देने वाले जज ओ.पी मिश्रा पर कार्यवाही करते हुए उन्हें ससपेंड कर दिया है,कई सीनियर जजों ने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है और कहा है कि सरकार इस तरह से न्यायलय के फैसलों पर कार्यवाही नहीं कर सकती है। हालाँकि योगी सरकार की जज के ऊपर की गयी कार्यवाही कहीं ना कहीं सरकार के मनमाफिक फैसला ना आने पर की गयी है,गौरतलब है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर की नजदीकी सत्तापक्ष से रही है।

गायत्री प्रजापति के खिलाफ चल रहे कई मामलों में वादी रहे सूबे के चर्चित IPS अमिताभ ठाकुर ने गायत्री को बेल देने के मामले में सस्पेंड हुए जज के बारे में कई खुलासे किए हैं। अमिताभ ने आरोपी जज ओ.पी मिश्रा के साथ अपने एक कड़वे अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वह अनाकरण उन्हें निशाना बनाते थे। हालाँकि यह पहला मामला है जब किसी सरकार ने किसी जज को इस तरह से ससपेंड किया हो,वहीँ कुछ लोगों का कहना है कि सरकार के इस फैसले में कहीं न कहीं जातिवाद का बड़ा तड़का लगा हुआ है क्योंकि IPS अमिताभ ठाकुर भी उसी जाती से आते हैं जिससे सरकार के मुखिया आते हैं।

अपनी एक फेसबुक पोस्ट में अमिताभ ने बताया कि कई महीने पहले उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम करने के लिए परिवाद दायर किया था, जिसकी सुनवाई इन्हीं जज ओ.पी मिश्रा की अदालत में हुई थी।

अमिताभ का आरोप है कि पूरी सुनवाई के दौरान वे मुझसे अकारण दुर्व्यवहार और पक्षपातपूर्ण आचरण करते रहे जिससे साफ जाहिर होता था कि दूसरे पक्ष के प्रति उनका लगाव है। अमिताभ ने बताया कि उन्होंने जज के इस पक्षपातपूर्ण और दुर्व्यवहार की शिकायत हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के यहां भी की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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